फर्रुखाबाद। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ फर्रुखाबाद में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन अब पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है। मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में सपा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को पैदल मार्च निकाला था। प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंके जाने और मुख्य मार्ग पर यातायात बाधित होने के आरोप में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। मामले में सपा कार्यकर्ताओं को नामजद किया गया है, जबकि कुछ अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद स्थानीय राजनीतिक माहौल में भी हलचल बढ़ गई है। सपा नेताओं ने जहां प्रदर्शन को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का माध्यम बताया है, वहीं पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान निर्धारित अनुमति के बिना मुख्य मार्ग पर भीड़ एकत्र की गई और यातायात प्रभावित हुआ।
मतदाता सूची के मुद्दे को लेकर निकाला गया था मार्च
मिली जानकारी के अनुसार समाजवादी पार्टी की ओर से मतदाता सूचियों में नाम कटने और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया था। मंगलवार को सपा कार्यकर्ता भोलेपुर क्षेत्र में एकत्र हुए और वहां से पैदल मार्च करते हुए अंबेडकर तिराहे की ओर बढ़े।
प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं के हाथों में विभिन्न मांगों और विरोध से संबंधित तख्तियां थीं। पार्टी नेताओं ने चुनाव व्यवस्था में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई।
सपा की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए चुनाव आयोग से निष्पक्ष तरीके से काम करने की मांग की।
अंबेडकर तिराहे के पास हुआ पुतला दहन
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता जब अंबेडकर तिराहे की ओर पहुंचे तो वहां मुख्य चुनाव आयुक्त का सांकेतिक पुतला फूंके जाने की बात सामने आई। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक कुछ कार्यकर्ता पुतले लेकर प्रदर्शन स्थल तक पहुंचे थे।
पुलिस का आरोप है कि पुतला सड़क पर ही जलाया गया, जिसके कारण धुआं फैल गया और मौके पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी जैसी स्थिति पैदा हुई। पुलिस के पहुंचने के बाद आग बुझाई गई और यातायात व्यवस्था को सामान्य कराया गया।
पुलिस का यह भी कहना है कि प्रदर्शन के दौरान मुख्य मार्ग पर भीड़ जमा होने से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हुई। इनमें वाहन चालक, व्यापारी, महिलाएं और स्कूली बच्चे भी शामिल थे।
छह सपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा
इस मामले में फतेहगढ़ कोतवाली में पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज किया गया है। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार कुटरा निवासी आयुष यादव, नवाबगंज निवासी अनुराग यादव, अरविंद यादव, मेडिकल कॉलेज बघार क्षेत्र के संजू यादव और मोहम्मदाबाद क्षेत्र के रवि यादव समेत अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। एक अन्य रिपोर्ट में पांच लोगों को नामजद किए जाने और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
पुलिस के अनुसार मामले में प्रदर्शन, नारेबाजी, पुतला दहन और सड़क पर यातायात बाधित करने से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान बनाए गए वीडियो और तस्वीरों को भी जांच का हिस्सा बनाया है।
फतेहगढ़ कोतवाली प्रभारी के अनुसार मामले की जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि प्रदर्शन में कौन-कौन लोग शामिल थे और घटनास्थल पर किसकी क्या भूमिका रही।
प्रदर्शन से पहले ही मौजूद था पुलिस बल
सपा के पैदल मार्च की जानकारी पुलिस को पहले से थी। इसके चलते प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया था। कार्यकर्ताओं के मार्च के दौरान पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद रहे।
बताया गया कि प्रदर्शनकारी भोलेपुर ओवरब्रिज के नीचे से अंबेडकर तिराहे की तरफ बढ़ रहे थे। इसी दौरान पुलिस को स्थिति बिगड़ने की आशंका हुई। पुतला दहन के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर बिना अनुमति प्रदर्शन और सड़क पर आग जलाने से आम लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसी आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
सपा ने मतदाता अधिकारों का मुद्दा उठाया
दूसरी ओर समाजवादी पार्टी का कहना है कि प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य मतदाता अधिकारों और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को उठाना था। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
सपा नेताओं ने चुनाव आयोग से मांग की है कि मतदाता सूची को लेकर उठ रही शिकायतों की निष्पक्ष जांच हो और जिन मतदाताओं के नाम किसी कारण से सूची से हटे हैं, उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।
पार्टी नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों को अपनी बात जनता और प्रशासन के सामने रखने का अधिकार है। इसी अधिकार के तहत कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च और विरोध प्रदर्शन किया था।
पुलिस कार्रवाई के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
मुकदमा दर्ज होने के बाद जिले में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर आपस में चर्चा की है। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि कार्रवाई किसी राजनीतिक दबाव में नहीं बल्कि मौके पर सामने आई परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई है।
इससे पहले भी प्रदर्शन के बाद कुछ सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से पुलिस ने पूछताछ की थी। एक स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने कुछ नेताओं को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में छोड़ दिया।
मामले को लेकर सपा के स्थानीय नेताओं ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर पार्टी का पक्ष भी रखा। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
वीडियो और तस्वीरों से होगी जांच
पुलिस के लिए इस मामले में वीडियो फुटेज महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रदर्शन के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने मोबाइल फोन से वीडियो बनाए थे। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन से संबंधित वीडियो और तस्वीरें जांच में शामिल की गई हैं।
इन फुटेज के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि पुतला किसने जलाया, सड़क पर भीड़ किस तरह जमा हुई और यातायात कितनी देर तक प्रभावित रहा।
पुलिस यह भी देख रही है कि प्रदर्शन के दौरान किसी व्यक्ति ने कानून व्यवस्था से जुड़ी कोई अतिरिक्त गतिविधि तो नहीं की।
आगे क्या होगा?
मुकदमा दर्ज होने के बाद अब पुलिस पूरे मामले की जांच करेगी। नामजद लोगों से पूछताछ के साथ-साथ मौके पर मौजूद वीडियो और अन्य साक्ष्यों को देखा जाएगा। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस मामले ने फर्रुखाबाद की स्थानीय राजनीति में नई चर्चा जरूर पैदा कर दी है। एक तरफ सपा मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर अपना विरोध दर्ज करा रही है, तो दूसरी तरफ पुलिस सार्वजनिक मार्ग पर प्रदर्शन, यातायात बाधित करने और पुतला दहन को कानून-व्यवस्था से जुड़ा मामला मान रही है।
इस पूरे घटनाक्रम पर अब लोगों की नजर पुलिस की आगे की जांच और सपा की अगली रणनीति पर है। यह भी देखना होगा कि मामले में नामजद लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस की ओर से क्या अगली कार्रवाई की जाती है।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

Post a Comment